ज़ियारत ए नहिया का अर्थ है “नहिया की यात्रा”। नहिया का अर्थ है “दुआ” या “प्रार्थना”। यह प्रार्थना हज़रत इमाम हुसैन की मज़ार पर जाकर की जाती है, जो कर्बला, इराक में स्थित है।
ज़ियारत ए नहिया एक महत्वपूर्ण शिया मुस्लिम परंपरा है, जिसमें हज़रत इमाम हुसैन की
“अस्सलामु अलैका या अबा अब्दिल्लाह, अस्सलामु अलैका या इब्ना रसूलिल्लाह, अस्सलामु अलैका या خليفة रसूलिल्लाह, अस्सलामु अलैका या حجة अल्लाह,
अलैहिम जुरीबतन, व लकम इला अल्लाह रिज़वानुन, व लकम इला अल्लाह रिज़वानुन।”
ज़ारतनाकुम ज़ारतन लिल्ज़ालिमीन, व इनना लिल्ज़ालिमीन लज़ूमिय्यतुन, फलीक़तन व दम़िय्यतुन, व लकम इला अल्लाह रिज़वानुन,
ज़ियारत ए नहिया की प्रार्थना में कहा जाता है:
या हुसैन इब्ना अली, या इब्ना रसूलिल्लाह, या خليفة रसूलिल्लाह, या حجة अल्लाह,
ज़ियारत ए नहिया का अर्थ है “नहिया की यात्रा”। नहिया का अर्थ है “दुआ” या “प्रार्थना”। यह प्रार्थना हज़रत इमाम हुसैन की मज़ार पर जाकर की जाती है, जो कर्बला, इराक में स्थित है।
ज़ियारत ए नहिया एक महत्वपूर्ण शिया मुस्लिम परंपरा है, जिसमें हज़रत इमाम हुसैन की ziyarat e nahiya in hindi
“अस्सलामु अलैका या अबा अब्दिल्लाह, अस्सलामु अलैका या इब्ना रसूलिल्लाह, अस्सलामु अलैका या خليفة रसूलिल्लाह, अस्सलामु अलैका या حجة अल्लाह, नहिया की यात्रा&rdquo
अलैहिम जुरीबतन, व लकम इला अल्लाह रिज़वानुन, व लकम इला अल्लाह रिज़वानुन।” । नहिया का अर्थ है &ldquo
ज़ारतनाकुम ज़ारतन लिल्ज़ालिमीन, व इनना लिल्ज़ालिमीन लज़ूमिय्यतुन, फलीक़तन व दम़िय्यतुन, व लकम इला अल्लाह रिज़वानुन,
ज़ियारत ए नहिया की प्रार्थना में कहा जाता है:
या हुसैन इब्ना अली, या इब्ना रसूलिल्लाह, या خليفة रसूलिल्लाह, या حجة अल्लाह,
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